बीदासर। नगर निकाय चुनाव से पहले बीदासर की सियासत में टिकट वितरण को लेकर घमासान तेज हो गया है। भाजपा के टिकट बंटवारे से नाराज दड़ीबा क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध का मोर्चा खोल दिया। खुद को भाजपा के पुराने और जमीनी कार्यकर्ता बताने वाले लोगों ने टिकट वितरण में अनदेखी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और पार्टी के खिलाफ नारेबाजी की।
विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्षों से पार्टी के लिए मेहनत करने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान “हम संपूर्ण वार्डवासी भाजपा का बहिष्कार करते हैं” जैसे नारे भी लगाए गए।

मामला उस वक्त और गरमा गया, जब बीदासर नगरपालिका के एक पूर्व भाजपा पार्षद ने टिकट वितरण में पैसों के लेनदेन के आरोप लगाए। आरोप लगाया गया कि पार्टी फंड के नाम पर पैसे मांगे गए और पैसे नहीं देने पर टिकट कटने की बात कही गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

वहीं, मामले को लेकर प्रवेशक देवकिशन मारू से बातचीत की गई तो उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा में टिकट किसी एक व्यक्ति की मर्जी से नहीं दिया जाता। इसके लिए पार्टी स्तर पर कमेटी गठित होती है, जिसमें पूर्व सांसद सहित वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल रहते हैं। यही कमेटी दावेदारों पर विचार के बाद टिकट का फैसला करती है।
ऐसे में एक तरफ पुराने कार्यकर्ताओं की नाराजगी और आरोप सामने आ रहे हैं, तो दूसरी तरफ पार्टी की ओर से इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया जा रहा है।
नगर निकाय चुनाव से ठीक पहले सामने आया यह विरोध भाजपा के लिए चुनौती बन सकता है। अब सवाल यही है कि पार्टी नेतृत्व नाराज कार्यकर्ताओं को कैसे साधता है और टिकट वितरण को लेकर उठे सवालों का क्या समाधान निकलता है।
